Posted by [email protected] on October 13, 2014 at 2:15 AM
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कुदरत का नायाब तोहफा है ज़िंदगी
जन्म से होती है आगाज ये ज़िंदगी
नए कपड़े, धमाके और मिठाइयाँ
कुछ के लिए यही मायने है ज़िंदगी
जब मिले मौका बादल डालो ज़िंदगी
आखिकार तुम्हारी ही है, ये ज़िंदगी
बहुत उम्मीद से ताकती है ज़िंदगी
जो दोगे वही लौटाएगी ये ज़िंदगी
उठा फारसा मजबूत कर बुनियादे ज़िंदगी
वरना, आखिरी दम तक हिसाब मांगेगी ये ज़िंदगी
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