Posted by [email protected] on July 24, 2015 at 5:20 AM
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इतना ना नवाज़ अपने तारीफ़ों करम से मुझे
कुछ तो कमी मुझ में भी है इंसान हूँ मै
इतनी तसल्ली से न परख मेरे तहमुल्ल को
कुछ बेताबी मुझ में भी है अरमान हूँ मै
इतनी शिद्दत से ना खलल पज़ीर कर राहे मेरी
कुछ रवानगी मुझ मे भी है कारवां हूँ मै
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