Posted by [email protected] on November 1, 2015 at 6:45 AM
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हरसू यासो हिरास है ।
हर लख़्त को पुरसुकून की तलाश है ।।
हर तसव्वुर बेतासीर है ।
हर क़ता को राना ए ख़्याल की तलाश है ।।
हर औराक़ खाली ओ कोरा है।
हर उनवान को उम्दा मज़मून की तलाश है ।।
हर बशर क़ाबिल ओ ज़हीन है ।
हर शागिर्द को एक मुदर्रिस की तलाश है ।।
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